जब तुम आए (आगमन)
तुम आए, कविता आई;
तुम आए, भक्ति आई;
तुम आए, सांस आई;
तुम आए, जीवन आया;
तुम आए, प्यार आया;
तुम आए, संगीत आया;
तुम आए, खुशी आई;
तुम आए, रंग आए;
तुम आए, सवेरा आया;
तुम आए, चैन आया;
तुम आए, आशा आई;
तुम आए, सपनों को आधार मिला;
तुम आए, राहों पर प्रकाश आया;
तुम आए, हर दर्द मिट गया;
तुम आए, विश्वास आया;
तुम आए, मुस्कुराहट खिली;
तुम आए, मन में उल्लास आया;
तुम आए, सत्य दिखा;
तुम आए, मुकम्मल हो गए;
तुम आए, बस तुम ही तुम छाए।
जब तुम गए (विरह)
तुम गए, कविता गई;
तुम गए, भक्ति टूटी;
तुम गए, सांस रुकी;
तुम गए, जीवन थमा;
तुम गए, प्यार सहमा;
तुम गए, गीतों में दर्द भरा;
तुम गए, खुशी दूर हुई;
तुम गए, रंग फीके पड़े;
तुम गए, अँधेरा छाया;
तुम गए, बेचैनी आई;
तुम गए, आशा हारी;
तुम गए, सपनों का महल गिरा;
तुम गए, रास्ता खो गया;
तुम गए, हर ज़ख्म हरा हुआ;
तुम गए, विश्वास डगमगाया;
तुम गए, आँखों में नमी ठहरी;
तुम गए, मन में सन्नाटा पसरा;
तुम गए, सब कुछ मिथ्या लगा;
तुम गए, अधूरे रह गए;
तुम गए, तन्हाई बस गई।
बाकी बचा क्या?
तुम गए, पर यादें न गईं;
तुम गए, पर इंतज़ार ज़िंदा है;
तुम गए, पर तुम्हारा एहसास बाकी है;
तुम गए, पर बीते पल अमिट हैं;
तुम गए, और समय ठहर गया;
तुम गए, और दुनिया बदल गई;
तुम गए, बस एक सवाल छोड़ गए;
तुम गए, किसे आवाज़ दें अब?
तुम गए, ये दिल यहीं अटक गया;
तुम गए, पर तुम आज भी यहीं हो।
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