सरिता चलती रही, सम्पूर्ण ठहरता गया
[28/11/2025]
सरिता चलती रही, सम्पूर्ण ठहरता गया…
सम्पूर्ण चल न सका, सरिता ठहर न सकी…
सम्पूर्ण चाहता था कि सरिता कुछ पल ठहरे,
उससे बातें करे,
उससे पूछे,
उसे बताए।
लेकिन सरिता का चलना पृथ्वी के जीवन के लिए आवश्यक भी था।
सम्पूर्ण सरिता को रोकना भी नहीं चाहता था,
क्योंकि रुका हुआ जल भी तो विनाशक होता है, है न?
वह चाहता था कि सरिता चलती रहे,
पर रुकते हुए।
यदि आगे निकल जाए, तो सम्पूर्ण का इंतज़ार करे,
और फिर सम्पूर्ण भी तेज़ी से दौड़ लगाए।
लेकिन शायद प्रकृति को यह स्वीकार नहीं था।
फिर सरिता चली गई,
और सम्पूर्ण रेगिस्तान बन गया…
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